हर विनाशकारी चीज तेजी से ही फैलती है

Print Friendly, PDF & Email

आप मेरे या देश के काम के हो सकते हैं, जब आपके लिए मजहबी और राजनैतिक दड़बे और झूठे मक्कार दोगले नेताओं से अधिक महत्वपूर्ण राष्ट्रहित व नागरिक हित हो जाएगा । जब आप अपने अपने दड़बों से बाहर निकलकर देश की विराटता को देखने और समझने योग्य हो जाओगे Continue Reading →

229 total views, 4 views today

[read_more id="1" more="Read more" less="Read less"]Read more hidden text[/read_more]
Share this post

वर्ण के सत्य में उंच-नीच का भेद नहीं, व्यक्तित्व का भेद था

Print Friendly, PDF & Email

जितना मनुष्य के संबंध में वैज्ञानिक चिंतन बढ़ेगा आने वाली सदी में, वर्ण की व्यवस्था वापस लौट आएगी। हिंदुओं की वर्ण की व्यवस्था नहीं लौटेगी। वह तो गई, वह मर गई। वर्ण की व्यवस्था लौट आएगी और अब और ज्यादा वैज्ञानिक होकर लौटेगी। Continue Reading →

349 total views, 3 views today

[read_more id="1" more="Read more" less="Read less"]Read more hidden text[/read_more]
Share this post

समय गुजर गया भावुकता का

Print Friendly, PDF & Email

कभी सोचा आपने कि इनकी इतनी बड़ी संख्या होते हुए भी इनके ही समुदाय में लोग इतने लाचार व विवश क्यों हैं ? कभी आपने सोचा कि एक तरफ तो ये लोग सीरिया पर आंसू बहा रहे हैं वहीँ इप्तिज्मा में करोड़ों फूंक दिए लाखों जमा होकर… Continue Reading →

306 total views, 3 views today

[read_more id="1" more="Read more" less="Read less"]Read more hidden text[/read_more]
Share this post

दड़बों में सिमटी मानवता

Print Friendly, PDF & Email

इंसानियत की मेरी परिभाषा बहुत व्यापक है, आप लोगों की तरह जातियों, मजहबों, पार्टियों में बंटी हुई, खंडित इंसानियत नहीं है | होश में आ जाओ जितनी जल्दी हो सके, वरना अपने बच्चों की लाशों पर वैसे ही रोते नजर आओगे, जैसे सीरिया के लोग रो रहे हैं | Continue Reading →

284 total views, 3 views today

[read_more id="1" more="Read more" less="Read less"]Read more hidden text[/read_more]
Share this post