वर्दी वाले गुंडों का आतंक

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राँची सेवा सदन अस्पताल के सामने एक युवक ने पेंड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है । उसका सुसाइड नोट पढ़िए ! नमस्ते सर/मैम मेरा नाम शिव सरोज कुमार है और मेरी ऐज 27 वर्ष है,और मैं धनबाद का रहने वाला हूँ । मैं सैटरडे 12 बजे एयर एशिया की फ्लाइट से दिल्ली से रांची आया था अपने पासपोर्ट के कुछ काम के लिए ,मुझे स्टे करना था तो मैंने ‘OYO room ‘ के थ्रू ऑनलाइन होटल बुक किया ‘होटल रेडिएंट’ स्टेशन रोड । करीब 4 बजे के आस पास मैं वहां चेक-इन किया और मुझे रूम नंबर 402 दिया गया रहने के लिए ;और रात के करीब 10 बजे वहां कुछ लोग शराब पी के हल्ला करने लगे सो मैने उन्हें मना किया और उन्होंने मुझे धमकियाँ देना स्टार्ट कर दिया । नेक्स्ट डे मुझे होटल वालों ने Continue Reading →

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राक्षसों का समाज

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बचपन में हम कहानियाँ सुना करते थे कि बहुत विशालकाय राक्षस था, जिसके पास असीम ताकत होती थी, कई भुजाएँ और उन सभी में घातक अस्त्र-शस्त्र होते थे, उससे एक नौजवान अकेले लड़ता और फिर उसे परास्त करके आम नागरिकों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाता था | फिर उस देश का राजा उसके साथ राजकुमारी का विवाह करवा देता और फिर सभी सुखपूर्वक रहने लगते थे | आइये लौट चलें उसी बचपन में एक बार और फिर से याद करें उन कथा-कहानियों को | आप पाएंगे कि वे सभी कहानियाँ समाज व राष्ट्र की समस्या व दुर्दशा से अवगत करवाते थे | शायद कथाकारों को आशा रहती थी कि ये बच्चे बड़े होकर समाज व राष्ट्र को उस राक्षस के आतंक से मुक्त करवाने का कोई प्रयास करेंगे | कोई ऐसा उपाय खोज लें, जिससे समाज को राक्षसों से Continue Reading →

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लापरवाह अधिकारी और राशनडीलर से परेशान ग्रामीण

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हर दिन वहाँ ग्रामीण राशन की आस में घंटों लाइन पर रहते हैं, लेकिन बिना राशन लिए उन लोगों को लौट जाना पड़ता है, जो अनाज में से चार से छः किलो कमीशन उसे नहीं देता Continue Reading →

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भूमाफियाओं के लिए फ़रिश्ते हैं झारखण्ड के न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारीगण

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1995 में शारदानन्द झा और मणि झा के बीच विवाद बताया गया, जबकि शारदानन्द झा के मृत्यु प्रमाण पत्र के अनुसार उनकी मृत्यु 1982 में ही हो चुकी थी | Continue Reading →

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